बवासीर का घरेलू उपाय:-
बवासीर दो प्रकार की होती है : - 1 अंदर की
2-बाहर की
1- अंदर की बवासीर में मस्से अंदर को होती है गोल- चपटे उभरे हुए मस्से चने-मसूर के दाने के बराबर भी होते है । कब्ज के वजह से जब अंदर का मस्सा शौच करते समय जोर लगाने पर बाहर आ जाता है तो मरीज दर्द से तरप उठता है और मस्से छिल जाए तो जख्म हो जाता है ।
2- बाहर की बावासीर में मस्सा गुदा वाली जगह पर होता है इसमें इतना दर्द नहीं होता है । कभी - कभी मीठी खरिश या खुजली होती है । कब्ज होने पर इसमें इतना खून आने लगता है कि मरीज खून देखकर घबरा जाते है । और चेहरा पीला पर जाता है
बावासीर की निशानी :- बावासिर से मरीज का हाजमा खराब हो जाता है । भूख नहीं लगता है,कब्ज रहने लगती है । पेट में कभी कभी गैस बनने लगता है । मेदा,दिल,जिगर कमजोर हो जाते है । आमतौर पर शारीरिक कमजोर हो जाती है । मरीजों के मुंह पर हल्की सुजन भी हो जाता है ।
बवासीर का इलाज:- 50 ग्राम रीठे को लेकर तवे पर रखकर कटोरी से ढक दे और तवे के नीचे आधा घंटा तक आग जलाए । रीठे भस्म हो जाएंगे । और ठंडा होने पर कटोरी हटाकर बारीक करके रीठे की भस्म 20ग्राम , कत्था सफेद 20 ग्राम , कुस्ता फौलाद 3 ग्राम सबको बारीक करके मिला ले ।
और सुबह - शाम 1-1 ग्राम को 20-25 ग्राम मक्खन में रखकर खाए ऊपर से 250 ग्राम दूध पी लिया करे । 10-15 दिन खाए ,यह बहुत ही बढ़िया कारागार दावा है ।
और खूनी बादी बवासीर को दूर करेगी । परहेज - गुड़ , मांस ,शराब, आम , अंगूर ना खाए , कब्ज न होने दे और नीचे लिखा मरहम मस्सो पर लगाए ।
मरहम बवासीर :- वैसलीन सफेद 50 ग्राम , कपूर 6 ग्राम , salfadaijin की 3 गोली , बोरिक एसिड 6 ग्राम सबको बारीक करके।वैसलीन में मिलाकर रात को सोते समय और सुबह शौच से पहले दिन में एक बार रोजाना उंगली के साथ अंदर - बाहर मस्से पर लगाए ।
खूनी बवासीर :- गैंदे के हरे पत्ते 10 ग्राम ,काली मिर्च 5 दाने , कुंजा मिश्री 10 ग्राम ,60 ग्राम पानी में रगर कर छान ले और 4 दिन तक दिन में एक बार पिएं । गर्म चीज ज्यदा ना खाए और कब्ज न होने दें।
दोस्तो ये पोस्ट आपको कैसा लगा नीचे कॉमेंट जरूर करे
आपका दोस्त वीरू आपके लिए हमेशा नए नए पोस्ट ऐसेही लेट रहेगा और आपलोग प्यार दिखाते रहिए thankyou for reading फिर मिलेंगे नेस्ट पोस्ट में तब तक के लिए धन्यवाद
ये भी पढ़े :-सर दर्द का रामबान घरेलु उपाए

0 comments:
Post a Comment